(B) यह कथन असत्य है।
मान लीजिए कि द्विघात बहुपद $ax^2 + bx + c$ के शून्यक $\alpha$ और $\beta$ हैं। चूँकि दोनों शून्यक धनात्मक हैं,इसलिए $\alpha > 0$ और $\beta > 0$ है।
शून्यकों और गुणांकों के बीच संबंध के अनुसार:
$1$. शून्यकों का गुणनफल $\alpha \cdot \beta = \frac{c}{a}$ होता है। चूँकि $\alpha > 0$ और $\beta > 0$ है,इसलिए उनका गुणनफल $\alpha \cdot \beta > 0$ होगा। अतः,$\frac{c}{a} > 0$,जिसका अर्थ है कि $a$ और $c$ के चिह्न समान होने चाहिए।
$2$. शून्यकों का योग $\alpha + \beta = -\frac{b}{a}$ होता है। चूँकि $\alpha > 0$ और $\beta > 0$ है,इसलिए उनका योग $\alpha + \beta > 0$ होगा। अतः,$-\frac{b}{a} > 0$,जिसका अर्थ है कि $\frac{b}{a} < 0$ होगा। इसका मतलब है कि $a$ और $b$ के चिह्न विपरीत होने चाहिए।
इस प्रकार,$a$ और $c$ के चिह्न समान हैं,लेकिन $b$ का चिह्न $a$ और $c$ के विपरीत है। अतः,$a, b$ और $c$ तीनों के चिह्न समान नहीं हैं।